संस्था परिचय/Sanstha Parichay
हमलोगों का यह विश्वास है कि समस्त प्राणियों में एक ही आत्मा का वास है। हम सब आत्मबन्धु है। हमलोग सब प्राणियों में एक ही आत्मा के दर्शन का प्रयास करते हैं। इसीलिये हमने अपनी संस्था का नाम आत्म-दर्शन रखा है। यह एक छोटी-सी गोष्ठी है। कलकत्ता के हिन्दुस्तान क्लब में हमलोग सप्ताह में एक या दो बार मिलकर श्रीमद् भगवत् गीता, उपनिषद्, योग वशिष्ठ, अष्टावक्र गीता, श्रीमद्भागवत, रामायण, पञ्चदशी, विवेक चूड़ामणि एवं अन्य वेदान्त दर्शन, सांख्य एवं भक्ति प्रधान ग्रन्थों का अध्ययन तथा शास्त्रों के वचनों पर चर्चा एवं विचार विमर्श करते हैं। हमारी गोष्ठी के एक सदस्य श्री अरुण शर्मां ने शास्त्रों के भिन्न विषयों को कविताओं और लेखों के माध्यम से पुस्तकों के रूप में लिपिबद्ध किया है, जिन्हें हमलोग इस वेबसाइट पर लोड कर रहे हैं।
आशा करते हैं कि जिज्ञासु आत्म बन्धुओं को ये रचनाएं एवं पुस्तकें पसन्द आएंगी और भविष्य में हमें और अधिक आत्मबन्धुओं का सहयोग और सानिघ्य प्राप्त होगा।
संचालक – विमल गोयल
अन्य सदस्य
श्री अरुण शर्मा
श्रीमती निर्मला सादानी
स्व. श्री बाबूलाल अग्रवाल
सुश्री पायल मल्होत्रा
श्री अमित मूँधड़ा
श्री प्रदीप पोद्दार
श्री अनूप फतेहपुरिया
श्री रमेश डागा
श्री अशोक सिंह
श्रीमती सलोनी मसरानी
श्रीमान एवं
श्रीमती दिलीप कुमार बजाज
श्रीमती संगीता शर्मा
श्री जी. एस. सारदा
श्री संजीव पोद्दार
श्री गौरव अग्रवाल
श्री शशी के. शाह
श्री हर्ष मुरारका
श्री शिव कुमार लोहिया
श्रीमती वैशाली पोद्दार
श्री महेन्द्र मसरानी
श्रीमती विशाखा कुमार
श्री मनोज अग्रवाल
श्रीमती मीनाक्षी मेहता
